एसिड अटैक सर्वाइवर के मर्म की दास्तां बयां करती ये फिल्म।CHHAPAAK FILM REVIEW

छपाक फिल्म रिव्यु- दिल्ली की रहने वाली लक्ष्मी अग्रवाल की वो कहानी है।  जो अपने से उम्र में दुगने व्यक्ति को राह चलते तंग करने पे मना करती है। जिसके बाद वो उसपे एसिड से अटैक कर उसके जीवन को तबहा कर देता है। लेकिन वो हार नहीं मानती है वो मेडिको-सोशल रिहैबिलिटेशन और कानून की लम्बी लड़ाई लडती है|

लक्ष्मी कई बार खुद से हारने के बाद वो किस तरह स्वावलंबी बन कर पैरो पे खड़े होकर समाज में सभी एसिड हिंसा के खिलाफ़ एक मुहीम का हिस्सा बनती है । इस कहानी को समाज के सामने सिनेमा के परदे पे लाने का बीड़ा लेखक-निर्देशक मेघना गुलज़ार ने उठाया है।दीपिका पादुकोण लक्ष्मी के किरदार में है जिनका नाम फिल्म में मालती है  इस फिल्म में एक्टिंग के साथ दीपिका निर्माता भी है।

एसिड अटैक सर्वाइवर के मर्म की दास्तां बयां करती ये फिल्म।CHHAPAAK FILM REVIEW

Chhapaak Film Duration & Cast and Crew

Release date - 10 January 2020

Film Duration: 2 hr 13 min (133 min)

Genre-Action, Drama, Historical Period

Cast (कास्ट): दीपिका पादुकोण,विक्रांत मैसी

Director (निर्देशक): मेघना गुलज़ार

Producer (निर्माता): दीपिका पादुकोण, मेघना गुलज़ार

Story Screenplay (स्टोरी स्क्रीनप्ले):  अंकिता चौहान,मेघना गुलज़ार

Music (संगीत): शंकर एहसान -लॉय

Cinematographer (छायाकार): मलय प्रकाश

Rating (रेटिंग):  ⭐⭐⭐स्टार (5 में से)

 

छपाक फुल मूवी रिव्यु (Chhapaak Full Movie Review)

2005 दिल्ली में 15 वर्षीय लक्ष्मी अगग्रवल पे अपनी से बड़ी उम्र के व्यक्ति नदीम ने एक दिन राह चलते एसिड से हमला कर दिया जिसके बाद उसकी ज़िन्दगी तबहा हो गयी। आर्थिक,मानसिक और शारीरिक तौर से हारने के बाद भी लक्ष्मी ने अपनी लड़ाई कैसे लड़ी ???

ये फिल्म उसी पे आधारित है। जिसे निर्देशक मेघना गुलज़ार बखूबी ढंग से दिखाया है। हालाँकि फिल्म में ओरिजिनल कहानी के पात्र के नाम बदल दिए है।  जैसे लक्ष्मी को फिल्म में मालती और नदीम को बशीर खान कर दिया है।  

छपाक फिल्म सबसे ख़ास बात ये है की भले ही आप कहानी शुरू से अंत तक जानते हो लेकिन आप फिल्म को बीच में छोड़ कर सिनेमा हाल से बहार नहीं आएंगे। मेघना गुलज़ार ने छपाक का स्क्रीनप्ले इतना कसा हुआ बनाया है की फिल्म के अंत का आपको इंतज़ार रहता है।

बात करे दीपिका पादुकोण की उन्होंने मालती के किरदार के साथ बड़ी मेहनत की है। कमर्शियल फिल्मो के किरदार की चमक से दूर इस बार दीपिका ने प्रूफ किया है की वो साधारण किरदार भी निभा सकती है।

ओवेरल फिल्म ये फिल्म सामाजिक मुददे पे बनी है जो अपने मकसद में कामयाब होती है और कई जगह आप अपने आंशुओ को छलकने से रोक नहीं पाएंगे।छपाक फिल्म एसिड पीड़िता के दर्द को स्क्रीन पे दिखाने में सफ़ल होती है।जिसे आपको एक बार ज़रूर देखना चाहिए।   

छपाक फुल मूवी की कहानी (Chhapaak Movie Story)

फिल्म की शुरुवात दिल्ली में निर्भया गैंग रैप के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए प्रदर्शन से होती है।जहाँ उग्र भीड़ और पुलिस वालो के बीच झड़प हो रही है,वहाँ मीडिया भी है।तभी एक आदमी अपनी लड़की का फोटो जो तेजाब से झुलसी हुई है।  उसका फोटो लेकर केमरा के सामने आता है।

रिपोर्टर और केमरामैन उसे हटने को कहते है। वहां पे अमोल दीक्षित (विक्रांत मैसी) की एंट्री होती है और वो कहता है की ये मीडिया भी रेप के आगे तेजाब के दर्द को कहाँ कवर करती है। तभी वो रिपोर्टर अलका अमोल को पहचान लेती है। क्यूंकि वो दोनों साथ पढ़े थे और दोनों में बहस होने लगती है जहाँ अमोल उससे पूछता है की कहाँ है मालती ???

इसके बाद मालती  (दीपिका पादुकोण) को दिखया गाय है। तेज़ाब से झुलसने के बाद वो किस तरह से आर्थिक हालातो से झूझ रही है। जहाँ उसको उसके तेज़ाब से चेहरा ख़राब होने के बाद नौकरी नहीं मिल रही है और उसका छोटा भाई हॉस्पिटल में एडमिट है जिसके लिए उसे पैसे का इंतज़ाम करना है।

एक दिन रिपोर्टर अलका उसे ढूंढती हुई आती है और उसका इंटरव्यू कर रही होती है जहाँ मालती अलका को टीवी चेन्नल में नौकरी को पूछती है लेकिन अलका उसे अमोल का पता दे देती जो एक छाया नाम की NGO चलता है।

मालती छाया से जुड़ जाती है और एक दिन एक एसिड पीड़िता के घर पहुचते है जहाँ उस एसिड पीड़िता के दर्द को सुन वो अपने दर्द में पहुच जाती है यहाँ से फिल्म फ़्लैशबेक में चली जाती है जहाँ मालती के ऊपर एसिड से अटैक होता है। 

जिसके बाद बशीर खान का नाम सामने आता है। जिसने मालती की ये हालत की थी और वही मालती अपना सब कुछ खो कर वापस से अपनी ज़िदगी को पटरी पे लेन की कोशिश करती है जिसमे उसकी मदद उसकी अंटी और वकील अर्चना बजाज करते है।

चहरे की 7 बार सर्जरी और क़ानूनी लड़ाई दोनों के साथ वो कैसे अपनी ज़िन्दगी संभालती है और इन हालातो से लडती हुयी वो कैसे एसिड बैन के लिए PIL दाखिल करती है इसी को अंत तक दिखया गया है। और इसी बीच मालती और अमोल नजदीक आ जाते है।  दोनों एक दोसरे को पसंद करने लगते है।

 लेकिन मालती लगातार आर्थिक हालातों से जूझ रही है इस पर क्या वो अमोल के प्यार को कबूल करेगी??? क्या मालती बशीर खान को कड़ी सज़ा दिलवा पायेगी??? क्या मालती की PIL से एसिड बैन होगा??? इस जानने के लिए फिल्म आपको अंत तक देखनी होगी।   


छपाक मूवी में अभिनय विभाग(Chhapaak Movie Acting Department)

 

दीपिका पादुकोण

मालती के किरदार को जितनी खूबसूरती से मेघना गुलज़ार से लिखा है उतनी तन्मयता से दीपिका पादुकोण ने इसे निभाया है

दीपिका कही पे भी दीपिका नहीं लगेगी वो आपको फिल्म में मालती ही नज़र आती है उन्होंने लक्ष्मी अग्रवाल  के दर्द को काफी करीब से महसूस किया है एक एसिड पीड़िता के एसिड सर्वाइवर बनने के सफर के दौरान मनोस्थिति में जिस तरह की तब्दीली आती है, उसे उन्होंने जबर्दस्त ढंग से अभिव्यक्त किया है।

विक्रांत मैसी

विक्रांत मैसी अमोल दीक्षित के किरदार के साथ न्याय किया है एक सामाजिक कार्यकर्त्ता होते हुए एसिड से झुलसी महिलाओ के प्रति संवेदना को उन्होंने सशक्त  ढंग से निभाया है उनके इस अभिनय से उनके बॉलीवुड का सफ़र लम्बा हो सकता है

मालती की अधिवक्ता (वकील) अर्चना की भूमिका में मधुरजीत सरगी ने लाजवाब अभिनय किया है। उनके हिस्से में जो भी सीन आये है उन्होंने उसमे जान डाल दी है

 निर्देशक (Chhapaak Movie Director)

तलवार और राजी जैसी सफल फिल्मो का निर्देशन करने वाली मेघना गुलज़ार की ये खासियत है की वो रियल कहानी को कही भटकने नहीं देती है यही कारण है की छपाक कही पे भी  मेलोड्रैमेटिक या सनसनीखेज नहीं लगी है।  जो इस फिल्म की डिमांड नहीं थी उसे फिल्म में तरजीह नहीं दी गयी है मेघना इस फिल्म में सुंदरता की परंपरागत धारणा पर भी प्रहार करती नज़र आती है।

खासतौर स्क्रीनप्ले और निर्देशन इतना टाईट है की फिल्म आपको बांधे रखती है मेघना ने छपाक को  डॉक्यू ड्रामा के अंदाज में फिल्माया है। इस कारण फर्स्ट हाफ थोडा सुस्त है लेकिन आप जब तक मालती की दर्द से जुड़ चुके होते है|

दूसरा हाफ में घटनाक्रम अपनी रफ्तार पकड़ता है। ऐसिड विक्टिम सर्वाइवर के रूप में दीपका का प्रॉस्थेटिक मेकअप काबिले-तारीफ है। लेकिन कुछ सवाल ऐसे भी जिसका जवाब ये फिल्म नहीं दे पाती है ।

फिल्म का म्यूजिक शंकर-एहसान -लॉय ने दिया है और जिनका टाइटिल ट्रैक 'छपाक' दिल को छू लेता है। जो की फिल्म कई जगह इमोशन को क्रिएट करने का भी काम करता है। 

👉क्यूँ देखे : दीपिका पादुकोण की ज़बरदस्त अभिनय औरमेघना गुलज़ार का निर्देशन इसे देखने लायक बनता है ये फिल्म आप को एसिड विक्टिम्स के दर्द से जोडती है 

👉क्यूँ न देखे : अगर आप कोमिर्सियल फिल्म के शौकिन है तो ये फिल्म आपके लिए नहीं है क्यूंकि इसमें ना तो लटके झटके है ना एक्शन सीन्स लेकिन इस फिल्म को आप एक बार ज़रूर देखना चाहिए 

👉आपको मेरा द्वारा दिया गया फिल्म रिव्यु कैसा लगा आप मुझे  कमेन्ट  बॉक्स में लिख सकते है और अपने सुझाव भी दे सकते है


Chhapaak Movie Official trailer