समलैंगिक प्यार को कॉमेडी के फोर्मुले के साथ परोसा गया है [शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी रिव्यू]

Shubh Mangal Zyada Saavdhan Movie Review ऐसा नहीं है की समलैंगिक संबंध पे ये कोई पहली फिल्म है। इससे पहले हॉलीवुड में कई फिल्मे बनी है। बल्कि Call Me By Your Name 2018 में Oscars भी जीत चुकी है।  


समलैंगिक प्यार को कॉमेडी के फोर्मुले के साथ परोसा गया है [शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी रिव्यू]



इस विषय पे हमारा बॉलीवुड भी पीछे नहीं रहा है फायर,अलीगढ़,एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, कपूर एंड संस,आई ऍम, माय ब्रदर निखिल ऐसे बहुत सारी फिल्मो के  नाम है  जिससे पता चलता है की समलैंगिक प्यार को दिखने की हिम्मत पहले भी बॉलीवुड के निर्माता निर्देशक कर चुके है। लेकिन बॉक्स ऑफिस पे ये फिल्मे अपना कमाल नहीं दिखा पाई।  

इसलिए  शुभ मंगल ज्यादा सावधान में आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग के मैजिक को भुनाने की कोशिश की गयी है लेकिन ये फिल्म थोडा निराश करती है हँसी ठहाके तो ठीक है लेकिन आयुष्मान इस फिल्म में अपने आपको रिपीट करते हुए नज़र आये है।             

Shubh Mangal Zyada Saavdhan Movie Duration & Cast and Crew
Release Date-21-FEB-2020
Film Duration: 2 Hr (119.37 Min)
Genre- Romantic comedy Drama
Cast (कास्ट): आयुष्मान खुराना, जीतू के, गजराज राव, नीना गुप्ता, मनुऋषि चड्ढा, सुनीता राजवार, मानवी गगरू, पंखुड़ी अवस्थी, और नीरज सिंह
Producer (निर्माता) -आनंद एल॰ राय, भूषण कुमार, हिमांशु शर्मा, कृष्णा कुमार
Director (निर्देशक): हितेश केवल्या
Story/ Screenplay  (कहानी /पटकथा ): हितेश केवल्या
Music (संगीत): तनिष्क बागची, करण कुलकर्णी
Cinematographer (छायाकार): Chirantan Das
Rating (रेटिंग): ⭐⭐स्टार (में से)


# शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी रिव्यू (Shubh Mangal Zyada Saavdhan Full Movie Review)


बॉलीवुड में वैसे तो तमाम फिल्मे समलैंगिक रिश्ते के ताने बाने पे बन चुकी है जिसमे कहानी को सीरियस तौर पे दर्शकोके सामने पेश किया गया था एक आद फिल्मो को छोड़ दे तो कोई भी फिल्म इतनी सफल नहीं हुई क्यूंकि ये सब्जेक्ट ही ऐसा था इसलिए समलैंगिक जैसे मुद्दे को शुभ मंगल ज्यादा सावधान में कॉमिक और मनोरंजक अंदाज़ से दिखाया गया है जिससे फिल्म गुदगुदाते हुए आपके जहन पे थोडा सा असर छोडती है।

कुल मिलकर ये फिल्म समलैंगिक जैसे मुद्दे को उठाने में कामयाब होती है। जिसका मकसद साफ़ झलकता है की दो प्यार करने वालो के बीच सिर्फ प्यार का रिश्ता होता है चाहे वो पुरुष का पुरुष से ही क्यूँ ना हो सभी को अपने जीवन साथी चुनने का अधिकार हमारा देश का कानून देता है। 


फिल्म में ज़बरदस्ती समझौते वाले रिश्ते पर अपने अंदाज में तंज कसती है।फिल्म की कहानी तो फ्रेश नहीं है लेकिन संवाद काफ़ी अच्छे लिखे गए है जो स्क्रीन पे कॉमेडी से ज्यादा व्यंग्य के रूप नज़र है।

शुभ मंगल ज्यादा सावधान फिल्म में कॉमेडी और समलैंगिक मुद्दे के बीच अच्छा संतुलन है जिससे फिल्म कही पे भी उबाऊ नहीं लगती है लेकिन फिल्म की पटकथा और एडिटिंग पर थोड़ा और काम किया जा सकता था खास कर की क्लाइमेक्स  बहुत ही सपाट है जिसे आप फिल्म शुरू होने से पहले अंत का अनुमान लगा लेते है। 

फिल्म का फर्स्ट हाफ फ़ास्ट है तो वही दूसरा भाग कहानी को खीचने के चक्कर में स्लो हो गया है।फिल्म का संगीत भी औसत ही है बस एक गबरू सॉंग को छोड़  बाकि गाने बहार आकर आप भूल जाते है। सिनेमेटोग्राफी भी कुछ खास नहीं थी,उसे भी आप औसत दर्जे की मान कर चल सकते है  कुल मिलकर पूरी फिल्म औसत ही है लेकिन ये फिल्म एक बार देख सकते है। 

# शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी की कहानी (Shubh Mangal Zyada Saavdhan Movie Story)

फिल्म की शुरुवात होती है कार्तिक सिंह(आयुष्मान खुराना ) और अमन त्रिपाठी(जीतेन्द्र कुमार) के इलाहाबाद से गोमती नगर जाने वाली विवहा स्पेशल ट्रेन के पकड़ने के सीन से ।इसके बाद फिल्म में कार्तिक और अमन के रिलेशनशिप को स्टेब्लिश किया गया है|

ये दोनों दिल्ली में साथ रहते है और एक दुसरे से प्यार करते है एक दिन अमन की मां सुनयना त्रिपाठी (नीना गुप्ता ) का फोन आता है। वो अमन को चचेरी बहन गॉगल उर्फ़ रजनी (मानवी गागरू) की शादी पे आने को कहती, लेकिन अमन आने से माना कर देता है उसके बाद कहानी में ऐसे हालत बनते है की अमन अपने दोस्त और हमसफ़र के साथ इलहाबाद पहुच कर विवहा स्पेशल ट्रेन में पहुच जाते है।

अमन को देख पहले से मौजूद सभी परिवार वाले खुश हो जाते है शादी का माहोल सब खुश है लेकिन ट्रेन के सफर के दौरान अमन के पिता शंकर त्रिपाठी(गजराज राव ) उन दोनों को चुंबन करते हुए देख लेता है उसके बाद वो बेहोश हो जाता है जहाँ कार्तिक (आयुष्मान खुराना ) अमन त्रिपाठी(जीतेन्द्र कुमार) को कहता है की वो अपने पिता से बात करे की वो उससे कितना प्यार करता है लेकिन वो अपने दिल की बात अपने पिता से नहीं कह पाता है बल्कि शंकर त्रिपाठी अमन को कार्तिक  से दूर रहने के बात कह देते है। 

शादी का माहोल है सभी खुश है अमन कार्तिक को कहता है की वो दिल्ली वापस चला जाये लेकिन शादी में सभी मेहमानों के सामने अमन कार्तिक को चुम्बन कर लेता है जिसके बाद अमन के पिता शंकर त्रिपाठी (गजराज राव) और मां सुनयना त्रिपाठी (नीना गुप्ता) सहित पूरे परिवार को यह बात जानकर झटका लगता है।

इसके बाद अमन के पिता शंकर और माँ सुनयना उसपे दवाब बनाते है की वो कुसुम (पंखुड़ी अवस्थी) से शादी करके इन सबको भूल जा वो घर वालो के दवाब में आकर शादी के लिए हाँ कर देता है लेकिन कार्तिक का दिल टूट जाता है वो उसे बहुत समझता है की वो उसे छोड़ कर नहीं जायेगा। अब अमन और कार्तिक के सामने चुनौती है कि वे सबको अपने रिश्ते को स्वीकारने के लिए मनाएं। 

क्या होगा अंत क्या अमन कुसुम से शादी करके कार्तिक को भूल जायेगा ?क्या अमन और कार्तिक परिवार और समाज को अपने प्यार को कबूल करवा पाएंगे इसका जवाब फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान देगी।   


# शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी (Shubh Mangal Zyada Saavdhan Movie Director)

हितेश केवल्य की ये पहली फिल्म है जिन्होंने इस फिल्म की कहानी के साथ इस फिल्म का निर्देशन भी किया है पहले तो उनकी तारीफ करनी होगी की उन्होंने ऐसे मुद्दे को चुना और उसे कॉमिक अंदाज़ में ढाल कर दर्शको के सामने लाये। 

वैसे तो फिल्म की कहानी अपने उद्दयेश बताने में तो कामयाब होती है लेकिन हितेश केवल्य कहानी में कुछ नया नहीं कर पाए और ना ही निर्देशन में, फिल्म सधी हुई तरीके शुरू तो होती है लेकिन धीरे धीरे उनके हात से फिसलती जाती है और अपने ट्रैक से भटकी हुई नज़र आती है। 

बल्कि कुछ देर में ही आप फिल्म की पूरी कहानी को अंत तक समझ जाते है बस आप सिनेमा हाल में अच्छे संवाद और आयुष्मान खुराना नीना गुप्ता गजराज राव और  अमन के चाचा बने  मनुऋषि चड्ढा की कॉमिक जुगलबंदी को देखने के लिए रुके रहते है। 

वरना फिल्म में निर्देशक हितेश केवल्य अपना कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाए ,बस आप  फिल्म खत्म होने तक आप इंतजार ही करते रह जाते हैं कि अब यह सही ट्रैक पकड़ेगी, पर ऐसा नहीं हो पाता। 

इंटरवेल से पहले और बाद की फिल्म में ज्यादा फर्क नहीं है।अगर कोई फिल्म इंटरवल के बाद भी दखे तो उसे फर्स्ट हाफ देखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी कुल मिलकर फिल्म का भोझ आयुष्मान खुराना के कंधो पे था जिसे वो निभाते तो है लेकिन इस चक्कर में वो अपने आपको अपनी पुरानी फिल्मो के चरित को दोहराते हुए नज़र आते है। 

# शुभ मंगल ज्यादा सावधान मूवी में अभिनय विभाग (Shubh Mangal Zyada Saavdhan Movie Acting Department)


बॉलीवुड में यह पहला मौका होगा जब पॉपुलर '' लिस्टर अभिनेता समलैंगिक किरदार को पर्दे पर निभा रहा है इसके लिए अभिनेता आयुष्मान खुराना के हौसले और हिम्मत की तारीफ तो बनती है उन्होंने अपने अभिनय से समलैंगिक किरदार को  अपने अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की है।  

लेकिन अगर सही मायने में देखे तो वो अपना जादू इस बार नहीं बिखेर पाए,वो पूरी फिल्म में कही बालाका बालमुकुंद शुक्ला नजर आते है तो कही थोड़ा ड्रीम गर्लका करम सिंह और कभी  बधाई होका नकुल कौशिक देखेंगे। शुभ मंगल ज्यादा सावधान में आयुष्मान खुराना कार्तिक सिंह के किरदार में इस बार स्पार्ककी कमी दिखेगी।जिसे दर्शक उनसे उम्मीद करते है। 
 

जीतेन्द्र कुमार ने अपने अभिनय को मासूमियत और सादगी के साथ निभाया है जो उनके अभिनय को नया आयाम देता है  जिस कारण वो आयुष्मान खुराना के आगे कही कमतर नजर नहीं आते है। 

“बधाई हो’में एक साथ नजर आये नीना गुप्ता और गजराज राव इस फिल्म में भी अपनी छाप छोड़ते है  उनके बीच की केमिस्ट्री वाकई ज़बरदस्त है इसके आलावा अमन के चाचा बने मनुऋषि चड्ढा और चाची बनी सुनीता राजवर ने अपने-अपने किरदारों में काफ़ी मेहनत की हैं। जिस कारण वो दर्शको को हँसाने में कामयाब गोते है बाकि मानवी गगरू, पंखुड़ी अवस्थी के हिस्से में जितना रोल आया उन्होंने अच्छे से निभाया है।  
  

👉क्यों देखें:कॉमेडी फिल्म के नए फ्लेवर को देखना चाहते है और आयुष्मान के फैन है तो ये फिल्म आपके लिए है बस कहानी में कुछ नया सोच कर मत जाइएगा वहा निराशा होगी


👉क्यूँ ना देखें: अगर फिल्म नहीं देखे तो कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा क्यूंकि कुछ खास बात नही है आप डिजिटल प्लेटफार्म पे आने का इंतज़ार कर सकते है।   

                  

👉आपको मेरा द्वारा दिया गया फ़िल्म रिव्यु कैसा लगा आप मुझे कमेन्ट बॉक्स में लिख सकते है और अपने सुझाव भी दे सकते है
 

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