डीमोनेटाइजेशन के इर्द गिर्द बुनी गयी है,चोक्ड :पैसा बोलता है की कहानी | फिल्म समीक्षा

Choked Paisa Bolta Hai Movie Review: फिल्म के नाम से पता चल जाता है की फिर से अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) कुछ नया परोसने वाले है जिसके लिए वो जाने जाते है| इस बार नेटफ्लिक्स (Netflix) पे फिल्म चोक्ड :पैसा बोलता है के जरिये मिडिल क्लास फैमिली के पति पत्नी के आपसी रिश्ते को नोट बन्दी के खोल में लपेट कर पेश किया है |

डीमोनेटाइजेशन के इर्द गिर्द बुनी गयी है,चोक्ड :पैसा बोलता है की कहानी | फिल्म समीक्षा



वैसे ये अनुराग की बेहतरीन फिल्मो में शुमार तो नहीं होगी लेकिन अगर आप एक बार देखना शुरू करगे तो तो खत्म किए बिना उठेंगे नहीं| आइये आगे पढ़ते है की ये फिल्माप्को देखनी चाहिए की नहीं ?

Choked Paisa Bolta Hai Movie Review Duration & Cast and Crew


Release Date-05-June-2020
OTT – NETFLIX
Film Duration: ….Hr …min (106)
Genre- सस्पेंस ड्रामा थ्रिलर
Cast (कास्ट): सैयामी खेर,रोशन मैथ्यू,अमृता सुभाष,राजश्री देशपांडे
Producer (निर्माता) – Good bad movies (अनुराग कश्यप)
Director (निर्देशक): अनुराग कश्यप
Writer (लेखक): निहित भावे
Music (संगीत): कर्ष काले
Cinematographer (छायाकार): सिल्वेस्टर फोंसेका
Rating (रेटिंग): 3 स्टार (में से)

चोकड पैसा बोलता है मूवी फुल रिव्यू (Choked Paisa Bolta Hai Movie full Review)



डीमोनेटाइजेशन के ताने बाने पहले भी कई फिल्म आ चुकी है जैसे विनय पाठक स्टारर ‘फिल्म छप्पर फाड़ के’ जिसका प्लाट भी कुछ  चोक्ड पैसा बोलता से मिलता जुलता है बस फर्क है तो कहानी के किरदारों का | खैर अगर आपने छप्पर फाड़ के  देखी है या नहीं इससे कोई असर नहीं पड़ेगा चोकड आपको पूरा रोमांच देगी |

चोकड का मतलब सब कुछ बंद जैसे नोट बन्दी के वक़्त हुआ था सब कुछ बंद उस वक़्त बैंको के सामने लम्बी लाइन दिखाई देती थी | जिसे अनुराग कश्यप ने चोक्ड फिल्म में अच्छे से इस्तेमाल किया है |

चोक्ड:पैसा बोलता है की कहानी ही इसकी सोल है| लेखक निहित भावे ने स्क्रीनप्ले और डायलॉग को बिलकुल मिडिल क्लास परिवार के पति-पत्नी के रिश्तों के तानों बानो के हिसाब से लिखा है जिसे अनुराग बखूबी पर्दे पर लेकर आते है।
खासकर कहानी में संयमी खरे के किरदार को बखूबी गढ़ा गया है क्यूंकि अंत तक सरिता का किरदार सस्पेंस कोशेंट को बनाये रखता है। अनुराग कश्यप और लेखक निहित भावे ने नोट बन्दी के बाद बैंक कर्मियों के ऊपर काम के दवाब, बैंकों के बाहर लम्बी लाइनें, और नोट बदलने के लिए लोगों की चिंता इन सभी मसालों को अच्छे से कहानी में पिरोया है ,जिस कारण से आप कहानी से बंधे रहते हैं
तो वही एक तरफ पति-पत्नी के बीच संवादों के ज़रिए दिलचस्प राजनीतिक कटाक्ष भी पिरोये गये हैं। जैसे एक जगह शुशांत सरिता से कहता है “पता है मोदी राजनीती में आने से पहले क्या किया करते थे?” जिसके जवाब सरिता कहती है उन्होंने झाड़ू भी लगायी है तुम मेरे लिए इतना ही कर दो तो काफी होगा”
कही कही थोड़े संवादों में मराठी और मलयालम भाषाओं का इस्तेमाल किया गया है जिसे आप सबटाइटल्स के साथ समझ सकते है,जिसकी वजह से किरदार  काफी रियल से लगते है। सबसे ख़ास बात इस बार अनुराग की इस फिल्म में आपको संवादों में गाली का प्रयोग नहीं मिलेगा जो अनुराग से उम्मीद कम ही होती है

चोकड पैसा बोलता है मूवी की कहानी (Choked Paisa Bolta Hai Movie Story)


चोक्ड पैसा बोलता है की कहानी सरिता पिल्लै (सयामी खेर) और सुशांत पिल्लै (रोशन मैथ्यू) की है | दोनों मुंबई में रहते है जहाँ सरिता बैंक में कार्यरत है तो वही  सुशांत कोई काम नहीं करता है| उनका एक लड़का है जिसकी पूरी जिम्मेदारी भी सरिता पे ही है |सरिता और सुशांत दोनों आर्थिक तंगी से गुजर रहे है |सुशांत के ऊपर कुछ कर्ज भी चढ़ा हुआ है |

सुशांत अपने दोस्त के साथ इंश्योरेंस पॉलिसी बेचने का काम करता है। जिसके कमीशन का पैसा उसका दोस्त लेकर भाग जाता है | ये कह सकते है की सुशांत का कोई पक्की आमदनी नहीं है। घर का सारा भोझ  सरिता की आमदनी पे ही टिका हुआ है | जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते हैं।
सुशांत म्यूज़िक इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहता था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके पीछे एक घटना है, जिसे बीच –बीच में फ़्लैश बेक के साथ देख सकते है | जो कहानी में सस्पेंस बढ़ाने में मदद करती है।
कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है, जब एक रात सरिता पानी पीने के लिए उठती है और देखती है की किचेन की नाली जाम है। जाली खोलने पर गंदे पानी के साथ प्लास्टिक में लिपटी पांच सौ और हज़ार के नोटों की गड्डियां बाहर आने लगती हैं। यह सिलसिला हर रात चलता है। सरिता इन पैसों से अपने पति का कर्ज़ चुकाने में ख़र्च करती है। सरिता की ज़िन्दगी ही बदल जाती है । उसकी लाइफ में थोड़ी खुशिया आने लगती है जिसे वो किसी को जाहिर नहीं करती यहाँ तक की अपने पति शुशांत को भी |
शुशांत को सरिता के ऊपर शक होने लगता है की उसका चक्कर कही बहार चल रहा है लेकिन वो उसे कहत नहीं है फिर वो दिन आता है जब अचानक प्रधान मंत्री मोदी जी नोटबंदी का एलान करते है ,पांच सौ और हज़ार के पुराने नोट बंद हो जाते है। इसके बाद सरिता की ज़िंदगी कैसे बदलती है? पैसों का क्या करती है? नाली में प्लास्टिक में रोल बनाकर किसने नोट डाले? ऐसे ही सवालों के साथ कहानी आगे बढ़ती है।




चोकड पैसा बोलता है मूवी में अभिनय विभाग (Choked Paisa Bolta Hai Movie Acting Department)

संयमी खेर चोक्ड फ़िल्म में पहली बार एक मिडिल क्लास कामकाजी महिला के रोल में दिखाई देगी |उन्होंने सरिता पिल्लै के किरदार को बख़ूबी ढंग से निभाया है। उन्हें अपने किरदार के ज़रिए अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का पूरा मौक़ा मिला, जिसे संयमी भरपूर इस्तेमाल किया। 
संयमी ने ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म मिर्ज़्या से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जो फ्लॉप रही थी। इससे पहले सयंमी हॉटस्टार की वेब सीरीज़ स्पेशल ऑप्स में नज़र आयी थीं। चोक्ड में सरिता के किरदार में संयमी ने बेहतरीन काम किया है।
सुशांत पिल्लै के किरदार में मलयाली एक्टर रोशन मैथ्यू का यह डेब्यू है। सुशांत ने भी अपना हिस्से का काम बखूबी निभाया है | बाक़ी सहयोगी कलाकारों में अमृता सुभाष और राजश्री देशपांडे ने प्रभावित किया। दोनों बेहतरीन एक्ट्रेस हैं।

मेरे विचार

चोक्ड (Choked) फिल्म में डिजिटल प्लेटफार्म के लिए उपयुक्त सामग्री है,जिसे छोटे परदे पे देख कर इंजॉय किया जा सकता है | अगर  ये बड़े परदे के लिए होती तो इसमें कई खामिया निकलती| खैर इस फिल्म में सयामी खेर और रोशन मैथ्यू ने बहुत ही शानदार एक्टिंग की है, सयामी खेर (Saiyami Kher) का सरिता का किरदार बहुत ही सशक्त है और उन्होंने उसी मजबूती के साथ निभाया भी है| रोशन मैथ्यू भी अच्छे हैं|
और अगर निर्देशन की बात करे तो  अनुराग कश्यप ने कोई कमी नहीं छोड़ी है कहानी और ट्विस्ट एंड टर्न को सही तरके से गढ़ा और पेश किया है जिसे बीच में छोड़ना मुश्किल होता है |