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SSR CASE: सुशांत की फांसी के फंदे की फोरेंसिक रिपोर्ट 7 जुलाई तक आ सकती है?

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस:मुंबई पुलिस ने फंसी के फंदे को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा 3 दिन में आ सकती है रिपोर्ट ? टेक्सटाइल स्ट्रेंथ टेकनीक के द्वारा होगी जाँच | आइये जानते है क्या होती है टेक्सटाइल स्ट्रेंथ टेकनीक?

SSR CASE: सुशांत की फांसी के फंदे की फोरेंसिक रिपोर्ट 7 जुलाई तक आ सकती है?




मुंबई पुलिस सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में कोई भी शक-शुबा नहीं छोड़ना चहाती,इसलिए बांद्रा पुलिस ने सुशांत की फांसी के फंदे को फोरेंसिक जांच लैब (Forensic investigation lab) में भेजा है | जिसमे टेक्सटाइल स्ट्रेंथ टेकनीक के द्वारा उसकी जांच होगी | जिसमे ये पताया लगाया जायेगा की उक्त घटना में इस्तेमाल किया गया कपडा सुशांत का भार सहन करने सक्षम था या नहीं? सूत्रों की माने तो जिस वक़्त सुशांत ने सुसाइड किया था उस वक़्त उनका वजन तकरीबन 80 kg था |

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आपको बता दे की अभी भी सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड मामले की जांच मुंबई पुलिस ही कर रही है | सुशांत की पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट भी आ चुकी है जिसमे अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है ? जिससे वो इस नतीजे पे पहुच सके की ये सुसाइड नहीं मर्डर है ? लेकिन सोशल मीडिया SSR के फैन्स मुंबई पुलिस की जाँच पर लगातार  सवाल खड़े कर रहे है ?

इतना ही नहीं सभी फैन्स सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस लगातार सीबीआई जाँच (CBI Investigation) की मांग कर रहे है | इतना ही नहीं सुशांत के पिता ने एक ट्विट के जरिये ये कहाँ है की वो सुशांत केस की जाँच,सीबीआई के द्वारा हो इसके लिए वो सुप्रीम कोर्ट तक जा सकते है|

क्या आया था सुशांत की पोस्मार्टम और विसरा रिपोर्ट में ?

14 जून को सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी जिसकी पोस्टरामार्टम रिपोर्ट आ चुकी है जिसमे सुशांत की मौत फांसी के कारण, दम घुटने से हुई बताया गया है |इस दौरान उनके इन्टरनल ओर्गंस को विसरा रिपोर्ट के लिए भेजा गया था | उसकी रिपोर्ट भी आ चुकी है जिसमे उनके शरीर और नाखूनों में किसी भी तरह का संदिग्ध केमिकल या जहर नहीं मिला है| इसलिए मुंबई पुलिस सुशांत डेथ की हर एंगल से जांच कर रही है|

क्यूँ भेजा गया है टेक्सटाइल स्ट्रेंथ टेकनीक के लिए ?


आपको बता दे, जांचकर्ताओं के अनुसार 14 जून रविवार के दिन सुशांत सिंह राजपूत ने जिस हरे रंग के कपड़े को फांसी का फंदा बनाने के लिए इस्तेमाल किया था,वो कपडा सूती नाईट गाउन था| लेकिन घटना स्थल पर कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला था | ना ही पोस्मार्टम और विसरा रिपोर्ट किसी और इशारा कर रही है |

इसलिए मुंबई पुलिस ने उक्त घटना में इस्तेमाल नाईट गाउन को केमिकल और फोरेंसिक एनालिसिस के लिए मुंबई स्थित कलिना फोरेंसिक साइंस लैब में भेजा है| जिसकी रिपोर्ट आने में तीन दिन लग सकते है ? देख्नते की क्या आता है  टेक्सटाइल स्ट्रेंथ टेकनीक और केमिकल की फाइनल रिपोर्ट में ?




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