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दमदार है इंस्पेक्टर जटिल यादव की मर्डर इन्वेस्टिगेशन Raat Akeli Hai film review

Raat Akeli Hai film review: रात अकेली है में इंस्पेक्टर जटिल यादव बने नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और हवेली की रखैल राधा बनी राधिका आप्टे ने अपने दमदार अभिनय से अंत तक बांधे रखा है | साधारण सी कहानी पर दमदार ट्विस्ट एंड टर्न हवेली में हुए एक मर्डर इन्वेस्टीगेशन को इतना उलझा देती है की आप Raat Akeli Hai film को अंत तक देखने के लिए बाध्य हो जाते है| आइये जानते है की क्या खास है इस डिजिटल रिलीज़ फिल्म की खासियत ? और क्या है कमी ?


दमदार है इंस्पेक्टर जटिल यादव की मर्डर इन्वेस्टीगेशन Raat Akeli Hai film review


Raat Akeli Hai Full Review: इस फिल्म ने साबित कर दिया की साधारण सी कहानी को अगर अच्छे स्क्रीनप्ले और संवाद के साथ बुना जाये और फिर उसमे सस्पेंस का मसाला सही मात्रा में डाला जाये तो कोई भी फिल्म बेहतरीन बन सकती है | अगर उस फिल्म को नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे जैसे माझे हुए कलाकार का साथ मिल जाये फिल्म और भी धांसू बन जाती है |

इससे फर्क नहीं पड़ता कहानी नयी है या पुरानी निर्देशक और राइटर के विवेक पर निर्भर करता है की फिल्म की दिशा और दशा क्या होगी ? तो इस डिपार्टमेंट में लेखक स्मिता सिंह और निर्देशक हनी त्रेहान को फुल मार्क्स मिलते है | उन्होंने रात अकेली है को तड़क भड़क वाले मसाले से दूर रखा है |

हवेली में ठाकुर रघुवेंद्र सिंह मर्डर होता है जिसकी इन्वेस्टीगेशन जटिल यादव को दी जाती है सस्पेक्ट बहुत सारे है और किसी पर भी विश्वाश नहीं किया जा सकता| ये पढ़कर आपको ये आम सी मर्डर मिस्ट्री लग रही होगी लेकिन जब देखेगे तो दिमाग झनझना जायेगा |


रात अकेली है फिल्म की कहानी

कानपुर शहर की एक हवेली की कहानी है रात अकेली है,जहाँ इंसानी रिश्ते,संवेदनाये और जज्बात सब मर चुके है बस झूठे दिखावे में जी रहे इस हवली के लोग|

कहानी शुरू होती है हाईवे पे 2 मर्डर से जिसको देख कर साफ़ हो जाता है की फिल्म सही दिशा में जा रही है लेकिन क्यूँ हुए 2 मर्डर इसका आपको अंत में जाकर पता लगेगा |

एक रात हवेली में भूढ़े ठाकुर रघुवेंद्र सिंह के विवाह समाहरोह के दौरान हत्या हो जाती है| जिसकी इन्वेस्टीगेशन के लिए हवेली पर इंस्पेक्टर जटिल यादव(नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी) पहुंचता है |

मौकाए-वारदात पर घर के सभी लोग मौजूद है,शक की सुई सभी के ऊपर घुमती है | लेकिन सबसे जाएदा शक जाता है जवान लड़की राधा(राधिका आप्टे)के ऊपर,जिसकी भूढ़े ठाकुर रघुवेंद्र सिंह से शादी हुई थी| ऐसा नहीं की सिर्फ राधा ही जान की दुश्मन थी ठाकुर की,राजनीती गलियारों में हनक रखने वाले लोकल MLA मुन्ना राजा (आदित्य श्रीवास्तव)पर भी शक की सुई घुमती है जिसका इस हवेली में काफी आना जाना है |

वैसे भूढ़े ठाकुर रघुवेंद्र सिंह से इस हवेली में कोई प्यार नहीं करता था| क्यूंकि ठाकुर का चरित्र भी ऐसा नहीं था की कोई उसे प्यार करे आप इसी बात से समझ सकते है कि वह लड़कियां खरीद कर घर में रखता था| और राधा भी उन्ही में से थी |


बिना वसीयत लिखे ठाकुर चले गए और पत्नी होने के नाते ठाकुर की जायदाद पर पूरा हक राधा(राधिका आप्टे) का है इसलिए जायदाद का एंगल पर भी सुई अटक जाती है|ठाकुर रघुवेंद्र सिंह की कतल की जांच अभी चल ही रही थी की एक और मर्डर हो जाता है वो भी हवेली की नौकरानी चुन्नी का |

इंस्पेक्टर जटिल यादव के सामने ये मर्डर मिस्ट्री ऐसी उलझ जाती है जिसे सुलझाने के लिए खानदान की परते खोलना चालू करता है तब उसके सामने हवेली के दफन राज़ खुलते है जिसे देख कर आप भी हैरान हो जायेंगे कौन कर रहा है ये मर्डर ? क्या उसका मोटिव ?इसे देखने के लिए आपको netflix पर रात अकेली है की मर्डर थ्रिलर-मिस्ट्री देखनी होगी


अभिनय

पहली बार पुलिस की वर्दी में नजर आये नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने इंस्पेक्टर जटिल यादव को अपनी तरह से निभाया है| वो वर्दी में स्क्रीन पे दमदार लगे है | तो वही राधा के रूप में राधिका आप्टे ने अपनी चाप छोड़ी है| सबसे खास बात ये की उन्होंने अपने रोल को जरा सा भी ग्लैमरस नहीं होने दिया | इसके अलावा बाकी सभी कलाकारों ने इन दोनों का अच्छे से सहयोग दिया है | जिस कारण से रात अकेली फिल्म देखने लायक बनती है |

क्या खास है रात अकेली में

सबसे रोचक बात है फिल्म की कहानी और उसका ट्रीटमेंट जिस कारण से मर्डर मिस्ट्री-थ्रिलर आपको अंत तक बांधे रखती है|

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे का अभिनय इंतना ज़बरदस्त है की आपको रियल टच नज़र आएगा|

फिल्म की कास्टिंग स्क्रिप्ट के हिसाब से रखी गयी है और सभी किरदार को बहुत ही ईमानदारी से लिखा भी गया है तो वही सभी ने इसे तन्मयता से निभाया है | जैसे छोटा सा जटिल यादव की माँ के किरदार में इला अरुण अपनी छाप छोड़ जाती है | जटिल और उसकी माँ की नोक झोक आपको अच्छी लगेगी |

हनी त्रेहान का निर्देशन भी काफी उम्दा है| उन्होंने कहानी को भटकने नहीं दिया है |


लेखक स्मिता सिंह की भी तारीफ बनती है उन्होंने छोटी छोटी बातो को ध्यानमें रखा है जैसे इंस्पेक्टर जटिल यादव का सावलापन जिस कारण उसकी शादी नहीं हो पा रही है | जिसके चलते वो रोज फेयर एंड लवली क्रीम लगता है | बात करे संवाद की तो वो भी सटीक और रियल रखे गए है | सिनेमेटोग्राफर पंकज कपूर की भी तारीफ बनती है जिन्होंने कानपुर और लखनऊ को ख़ूबसूरती से कैप्चर किया है| जो फिल्म को देखने का अनुभव और बढ़ा देते है |  


मेरे विचार


नेटफ्लिक्स की बात करे तो वो कंटेंट पर अपनी पकड़ बना के रखता है|इसलिए उसका कंटेंट सबसे अलग रहता है | बात करे रात अकेली है फिल्म की तो कास्टिंग डायरेक्टर से निर्देशक बने हनी त्रेहान अपनी पहली फिल्म से छाप छोड़ते है| अगर आप मर्डर मिस्ट्री और सस्पेंस फिल्म के शौक़ीन है तो ये फिल्म आपको देखनी चाहिए | 

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