डॉली,किट्टी की सेक्स से भरी दुनिया मे बेचमक रह गई कहानी

Dolly Kitty Aur Woh Chamakte Sitare Review: नारी सशक्तीकरण मुद्दे पर बनी फिल्म मे कोंकणा सेन और भूमि पेंडकर के अभिनय पर हावी हो गया सेक्स से भरा कंटेन्ट | जिस कारण मिडिल क्लास महिला डॉली,किट्टी की दबी हुई अधूरी ख्वाहिशों की कहानी पर काले बादल छा गए और बेचमक रह गये उनके सितारे| 


डॉली,किट्टी की सेक्स से भरी दुनिया मे बेचमक रह गई कहानी


डॉलीकिट्टी की समीक्षा  

Dolly Kitty Aur Woh Chamakte Sitare मे निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव ने डॉली, किट्टी के जरिए मिडिल क्लास औरतों की दबी हुई सेक्स की अधूरी ख्वाहिशों को दिखाने का प्रयास किया है इससे पहले भी वो 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' मे मध्यम वर्ग और उमरदाज़ औरतों की सेक्स लाइफ को फोकस कर महिला सशक्तिकरण मुद्दे को उठा चुकी है| हालांकि फिल्म कई विवादित सीन्स के कारण सेंसर मे अटकी रही थी|

इस बार अलंकृता डॉली किटटी जैसे काल्पनिक किरदारों के जरिए महिलाओ की दबी जिज्ञासा को समाज के सामने रखने की कोशिश की है| फिल्म का संदेश वही है,बस इस बार उसे थोड़ा और विस्तार देने की कोशिश की गई है लेकिन कहानी का ट्रीट्मन्ट काफी हलका-फुल्का है|

डॉली, किट्टी की कहानी इसी मुद्दे को फोकस करती है की जो काम पुरुष के लिए सही हो सकता है वो महिलाओं के लिए क्यों नहीं? क्यूँ अधूरी हसरतों को बोझ औरत पर ही रहे? इसी बोझ को उतारने के लिए इस बार निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव को गंदी बात जैसी सेमी पॉर्न मेकर एकता कपूर का साथ मिला है |

इसलिए लगता है शायद कहानी की बजाए अंतरंग सीन्स की जायेदा भरमार है |इस चक्कर मे दमदार विषय को अलंकृता मजबूती से दिखाने मे कामयाब नहीं हो पाई है | बल्कि बिल्डर स्कैम,छोटे से बच्चे के लैंगिक पसंद का अतार्किक मुद्दा एंटी रोमियो दस्ता, और डिलीवरी बॉय का धर्म को लेकर नीचा दिखाए जाना ऐसे तमाम मुद्दों को जबरदस्ती घुसेड़ कर डॉली किट्टी के चमकते सितारों को भटका दिया | अच्छा होता की डॉली किट्टी की कहानी पर जायद फोकस किया जाता|

डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ की सबसे कमजोर कड़ी इसकी कहानी है| हालांकि महिला सशक्तीकरण मुद्दे को कोंकणा सेन और भूमि पेंडकर जैसी दमदार अदाकाराएं अपने अभिनय से जान भरने की कोशिश की है लेकिन शॉर्ट फिल्म मटेरियल को बड़े केनवास पर उकेरने मे सेक्स हावी हो जाता है |

इसके अलावा फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी खास सपोर्ट नहीं करता है | म्यूजिक कही भी किसी भी इमोशंस से तालमेल नहीं खाता| कहानी सुनने मे जितनी अच्छी लगती है उतनी देखने मे बोर करती है ये तो अच्छा है कि डॉली किट्टी और वो चमकते सितारेसीधे ओटीटी पर रिलीज हो गई, नहीं तो सिनेमा हाल मे जाने के बाद आपको लगता की आपने दो घंटे बर्बाद कर दिए|

डॉलीकिट्टी की कहानी

गोरखपुर से निकल कर 'डॉली किट्टी दो चचेरी बहन नोएडा शहर मे रोजमर्रा जीवन मे पुरुष मानसिकता से लड़ती है इसी को आधार बना कर फिल्म की कहानी को गढ़ा गया है|

फिल्म की कहानी शुरू होती है काजल उर्फ किटटी (भूमि पेंडकर) अपनी चचेरी बहन डॉली(कोंकणा सेन) के पास नोएडा आती है| डॉली शादी शुदा है उसके दो बच्चे है| उसका पति रवि (आमिर बशीर) एक प्राइवेट कॉम्पनी मे जॉब करता है |

डॉली और किट्टी मध्यम वर्गीय परिवेश और मान्यताओं में पली-बढ़ी है दोनों अपनी-अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जी रही है| जहां डॉली को लगता है की दो बच्चों के बाद अब उसकी कामेच्छा को उसका पति रवि समझता नहीं है जिसका दोषी वो खुद को मानती है| 

इसलिए वो अपने आपको को व्यस्त रखने के लिए जॉब करती है तो वही काजल उर्फ किटटी एक डेटिंग एप के काल सेंटेर मे जॉब करती है| अभी उसका कौमार्य भंग नहीं हुआ है उसे अभी सच्चे प्यार की तलाश है| काजल उर्फ किटटी डेटिंग एप के जरिए लोगों से रोमांटिक बातें करके उन्हें संतुष्ट करती है। 

किट्टी जिस परिवेश से आती है, उसमें इस तरह के कामों को अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता। लिहाज़ा, उसने अपनी जॉब के बारे में किसी को नहीं बताया। एक दिन उसे एक काल के जरिए प्रदीप (विक्रांत मैसी) से मुलाकात होती है| दोनों प्यार की पिगे भरने लगते है|

तो उधर डॉली के जीवन मे डिलीवरी ब्वॉय उस्मान की एंट्री हो जाती है| तब उसे लगता है की जिस दोष को लेकर वो कुंठा मे जी रही थी वो दोष तो उसमे है नहीं|

दोनों बहने अपनी ज़िंदगी मे खुश है जहां किटटी अपना प्रदीप के साथ खुश है तो वही डॉली भी उस्मान के संग जिस्मानी ख्वाहिशों को पूरा कर रही है| लेकिन एक दिन किटटी के सामने प्रदीप की सच्चाई खुल जाती है|

इत्तेफाक से उसकी एक दिन बात डॉली का पति अपनी संतुष्टि के लिए डेटिंग ऐप में कॉल करता और उसकी बात किट्टी से हो जाती है। कोहराम मचता है लेकिन किट्टी को अपने काम को लेकर कोई शर्मिंदगी नहीं है।

आगे की कहानी मे क्या किटटी अपने सच्चे प्यार को ढूंढ पाएगी ? डॉली अपने प्रेमी उस्मान के राज़ को रवि से कब तक छुपा पाएगी? क्या होगा जब रवि के सामने उस्मान का सच आएगा ? सारे सवालों को अगर जानना चाहते है तो डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ को नेटफलिक्स पर देखे |

मूवी स्टार कास्ट एण्ड क्रू

डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ 

प्लेटफॉर्म- नेटफ्लिक्स

अवधि- 2 घंटा

निर्देशक- अलंकृता श्रीवास्तव

कलाकार- कोंकणा सेन शर्मा, भूमि पेडनेकर, आमिर बशीर, विक्रांत मेसी, अमोल पाराशर, करण कुंद्रा, कुब्रा सैत आदि।

निर्माता- एकता कपूर, शोभा कपूर।

स्टार- ⭐⭐ (2 स्टार)